एक लड़का जिसे परिवार और समाज की पर्वा किए बिना हाउस हसबैंड बनना है और एक लड़की जिसे मर्दों से नफरत है और जो सालोंसे चलते आई हुई पुरुषप्रधान संस्कृति को ख़त्म करना चाहती है ।क्या इनमे प्यार हो सकता है ?

आज अभय और रिया का बहुत ही अजीब,पर जीवन बदलने वाला दिन है ! अभय एक सीधा साधा मिडलक्लास में पैदा हुवा लड़का है ।शादी के लिए लड़की नहीं मिल रही है इसलिए घरवाले उसे जबरदस्ती जॉब पर भेज रहे है ,नही तो उसे खुदका होटल सुरु करना है । वह बहुत अच्छा शेफ़ है ।पर फ़ैमिली के पास उतना पैसा नहीं है के उसे बिज़नेस चालू करके दे सके ।

उपरसे अगर कर्जा लेकर भी बिज़नेस चालू किया पर बिज़नेस नहीं चला तो कर्जा कोन भरेगा? इससे अच्छा बड़े कंपनी में जॉब करले।सैलरी हर महीने में मिलती रहेगी । रिस्क नहीं है।एक सुंदर और सुशील लड़की देखकर शादी करले। बादमे तू और तेरी बीवी बिज़नेस,खुदकी लाइफ,पसंद ना पसंद देख लेना!पर अभय को शादी करनी ही नहीं है और वह इस जॉब से भी पक चुका है ।

आज ऑफिसियल हॉलिडे होकर भी वह डेस्क पर बैठकर खुदका टारगेट वर्क पूरा कर रहा था । इतने में उसका मैनेजर उसके डेस्कपर आया और बोला के,

अरे यार अभय! कभी तो सीरियस होकर काम करो! कितनी सारी गलतिया है तुम्हारे काम में !

अभय को तो सुरुवात में कुछ समज में नहीं आया ।उसके बाजू के डेस्कवाली लड़की जब हसने लगी तब वह होश में आया ।उसे बहोत बुरा लगा। आज एक तो छुट्टी है ,उपरसे में काम पर आया हूँ। यह पागल आदमी जिस चीज के लिए मुझपर चिल्ला रहा है ,वह काम भी मेरा नहीं है। अभयने सिर्फ मैनेजर को देखा और बोला के,

में आपके केबिन में आता हूँ! मैनेजर चला गया उसके बाद अभयने गुस्सेसे बाजूवाली लड़की को देखा ,वह डर गई।

उसी बिल्डिंग के ३ फ्लोर नीचे रिया का ऑफिस है । रिया गुस्सैल,फेमिनिस्ट टाइप लड़की है ।उसे पूरे मर्द जात से ही नफ़रत है। उसे कॉर्पोरेट की दुनिया बहोत पसंद है। उसके पूरे ऑफिस में वह अकेली लड़की टीम लीडर है वरना बाक़ी सब पोस्ट पर पुरुष ही है । रिया को उस पूरे ऑफिस पर कंट्रोल करना है ।उसे सारे पुरुष जात को अपना गुलाम बनाना है ।

आज वह अपने केबिन में क्लाइंट के साथ मीटिंग कर रही थी तब उसके बॉस ने अचानक उसे केबिन के बाहर आने को बोला । रिया को कुछ समज नहीं आया ।वह बाहर आई तब बॉसने सबको कहा के ,

अपना जर्मनी का क्लाइंट अपने प्रोजेक्ट्स से काफ़ी ख़ुश हुवा है और उसने अपने कंपनी को २० करोड़ का नया प्रोजेक्ट दिया है । सबने ताली बजाना चालू किया ।बॉसने सबको हाथ दिखाकर रोक दिया और बोला के ,

वह प्रोजेक्ट रिया लीड कर रही थी,इसलिए कंपनीने रिया को प्रमोशन देने का सोचा है।रिया यह सुनकर हैरान हो गई ।क्योंकि उसे पता था के प्रमोशन मतलब वह इस ब्रांच की हेड बनने वाली है ।इस ऑफिस में जितने भी मर्द है ,वह उसके आदेश पर चलेंगे,उसके सामने झुकेंगे,वह उसके ग़ुलाम होंगे ।रिया बहोत ख़ुश हो गई ।सबने उसकी तारीफ़ किई ।

वह वापस अपने केबिन में गई और यह ख़ुश खबर अपने परिवार को सुनाने के लिए मोबाइल उठा लिया वैसे ही उसे लगा के माता और पिता यह सुनकर ख़ुश नहीं होंगे क्योंकि उन्हें लगता है ।

में बाक़ी लड़कियोंकी तरह हरदीन सजसवर के काम पर जाऊ । मेरा कोई बॉयफ्रेंड हो। उससे में शादी करूँ ।घर बसालू ।बच्चे पैदा करूँ ,फिर वह इनके घर में नाना नानी के साथ खेलेंगे ।पर रिया तो मर्दानी है ।उसे जिम करना,बाइक राइडिंग,लड़कोंकी तरह पैंट शर्ट पहना पसंद है ।वह बाक़ी लड़कियोंकी तरह कोमल नहीं है। उसने अपना फ़ोन बाजूमे रख दिया।

इधर अभय मैनेजर के केबिन में गया ।मैनेजर अभय की लेने के चक्कर में था। वह कुछ बोलता इतने में अभय ने बोलना चालू किया ।

सर! आज छुट्टी है फिर भी में काम पर आया हूँ ।आप जो काम में गलती बता रहे हो ,वह मेरी नहीं ,आपकी क्रश श्वेता की है ।मैनेजर यह सुनकर भड़क गया ।वह कुछ बोलता इतने में अभय बोला,

अब थोड़ा मेरा भी सुनलो, जब से जॉइन किया है ,तब से आपकी ही सुन रहा हूँ । साला जितना सैलरी नहीं है ,उससे ज़्यादा तो में काम कर रहा हूँ ।उपरसे श्वेता आपको भाव नहीं देती तो उसका गुस्सा भी आप मुझपर निकाल रहे हो ।अरे भाड़ में जाओ तुम दोनों ।भाड़ में गई यह नौकरी । जिंदगी नरक बनाके रखी है साला!

मैनेजर भी गुस्से से बोला के ,

तुम किसके सामने बोल रहे हो , पता है ना ! बेटा नौकरी जा सकती है तुम्हारी! गुस्से में तुम्हें पता नहीं चल रहा है ।

अभय बोला के , बेटा यह नौकरी डाल लो अपने,उसने हाथ से उसको इशारा करके बताया ।में ख़ुद रिज़ाइन कर रहा हूँ। कंपनी को मेल करूँगा और तुम्हारा भी जीवन नरक बना दूँगा ।मैनेजर थोड़ा डर जाता है ।

अभय को बैठने के लिए बोलता है ।पर अभय अभी गुस्से में है। मैनेजर उसे बोलता है , देखो अभय आई थिंक,हम दोनोके विचार मिल नहीं रहे है ।इसलिए में तुम्हें हमारी दूसरी वाली ब्रांच में ट्रांसफर करता हूँ ।तुम भी खुश और में भी! अभय शांत हो जाता है और बोलता है ,

नहीं सर, मुझसे अब और बर्दास्त नहीं होता । अब कुछ भी हो जाए ,मुझे अपनी ज़िन्दगी अपने तरीकेसे जीनी है ।मेरा मन नहीं लग रहा है काम पर । में रिज़ाइन करता हूँ ,आप सिर्फ़ मेरे रिज़ाइन के बाद मेरा अच्छा रिपोर्ट देना! में आपके बारे में किसीको कुछ नहीं बोलूँगा ।

अगर आगे जाकर मुझे कभी जरूरत पड़े तो में वापस कंपनी जॉइन कर सकू ।मुझे हरदीन मेरा होटल बिज़नेस बुलाता है ।मैनेजर मान जाता है । अभय केबिन के बाहर जाने से पहले रुकता है और पलट के मैनेजर को बोलता है ,

सर श्वेता पहले ही बॉस से सेट हो चुकी है ,उसने आपकी कंप्लेंट भी किई है ।उसके पीछे ज़्यादा मत भागो! इससे अच्छा ,मेरे बाजूमे जो डॉली बैठती है ,उसे भाव दे दो । वह आपकी फैन है । अभय केबिन का दरवाज़ा बंद करके बाहर आता है । मैनेजर काँच के दीवार से डॉली को देखता है और उसे पटाने का प्लान बनाना चालू करता है ।

अभय अपने डेस्क पर आकर शांत बैठता है । अब घर वालोंको कैसे हैंडल करना है ,वह सोचने लगता है ।

इधर रिया के पापा रिया को मैरिज ब्यूरो ऐप पर उन्हें जो लड़के पसंद आए है। उनकी प्रोफाइल भेजते है । रिया उसे ओपन करके नाखुशी से देखती है । यहाँ अभय भी उस ऐप पर लड़कियोंकि प्रोफाइल देख रहा होता है ।

उनकी मांगे देखता है और गुस्से में पोस्ट करता है के हाउस हसबैंड किसको चाहिए तो में अवेलेबल हूँ । वह पोस्ट रिया देखती है और प्रोफाइल मैच करने की रिक्वेस्ट सेंड करती है । दोनों ऐप पर एक दूसरे के फोटोज़ देख रहे है ।

आज की कहानी यहीं खत्म होती है

अगले episode में देखिए क्या होता है?

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